Join Us Now!
Apply

पृथ्वी का प्रथम वायुमंडल

पृथ्वी का प्रथम वायुमंडल, जिसे आदिम वायुमंडल (primordial atmosphere) भी कहा जाता है, आज के वायुमंडल से बिलकुल भिन्न था।..

पृथ्वी का प्रथम वायुमंडल

Gaurav
March 28, 2025

पृथ्वी का प्रथम वायुमंडल (Earth's First Atmosphere) क्या था? इसकी संरचना (composition) और उत्पत्ति (origin) की विस्तार से व्याख्या कीजिये।🔗

image 3
Zoom in if the image is unclear.

पृथ्वी का प्रथम वायुमंडल, जिसे आदिम वायुमंडल (primordial atmosphere) भी कहा जाता है, आज के वायुमंडल से बिलकुल भिन्न था। इसकी उत्पत्ति (उत्पत्ति - origin) लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले, पृथ्वी के निर्माण (formation) के समय हुई थी।

उत्पत्ति (Origin - ओरिजिन):

पृथ्वी का प्रारंभिक वायुमंडल संभवतः उन गैसों से बना था जो पृथ्वी के निर्माण के दौरान निकली थीं। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रक्रियाएँ शामिल थीं:

  1. आउटगैसिंग (Outgassing - आउटगैसिंग): पृथ्वी के आंतरिक भाग (interior) से ज्वालामुखी विस्फोटों (volcanic eruptions) के माध्यम से गैसें निकलीं। इन गैसों में जल वाष्प (water vapor - पानी की भाप), कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide - कार्बन डाइआक्साइड), सल्फर डाइऑक्साइड (sulfur dioxide - सल्फर डाइआक्साइड), और नाइट्रोजन (nitrogen - नाइट्रोजन) शामिल थे।
  2. सौर नीहारिका से गैसों का परिग्रहण(Accretion of gases from the solar nebula- सोलर नेब्युला से गैसों का एक्रीशन): पृथ्वी के निर्माण के समय, यह सौर नीहारिका (solar nebula - सौर निहारिका, वह गैस और धूल का बादल जिससे सौर मंडल बना) से घिरी हुई थी। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण (gravity) ने इन गैसों, मुख्य रूप से हाइड्रोजन (hydrogen - हाइड्रोजन) और हीलियम (helium - हीलियम), को आकर्षित किया।

संरचना (Composition - कंपोजिशन):

शुरुआती वायुमंडल की संरचना इस प्रकार थी:

  • मुख्य गैसें:

    • हाइड्रोजन (Hydrogen - H₂)
    • हीलियम (Helium - He)
    • मीथेन (Methane - CH₄)
    • अमोनिया (Ammonia - NH₃)
    • जल वाष्प (Water Vapor - H₂O)
    • कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide - CO₂)
  • ऑक्सीजन (Oxygen) की अनुपस्थिति: सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह था कि इस वायुमंडल में मुक्त ऑक्सीजन (free oxygen - O₂) लगभग न के बराबर थी।

प्रथम वातावरण की संरचना क्या थी और क्यों यह मुख्यतः hydrogen और helium से बनी थी
Zoom in if the image is unclear.


पृथ्वी के द्वितीय वायुमंडल (Earth's Second Atmosphere) का निर्माण कैसे हुआ? इसकी प्रमुख प्रक्रियाओं (processes) और विशेषताओं (characteristics) का वर्णन करें। जीवन की उत्पत्ति (origin of life) में इसकी भूमिका (role) पर प्रकाश डालिए।🔗

पृथ्वी का दूसरा वायुमंडल, जो लगभग 4 से 2.5 अरब वर्ष पहले बना, प्रथम वायुमंडल से काफी अलग था। इसके निर्माण में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ शामिल थीं:

प्रमुख प्रक्रियाएँ (Main Processes):

  1. हाइड्रोजन और हीलियम का अंतरिक्ष में पलायन (Escape of Hydrogen and Helium to Space): पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल (gravitational force) हल्का होने के कारण हाइड्रोजन और हीलियम जैसी हल्की गैसों को रोक नहीं पाया। ये गैसें धीरे-धीरे अंतरिक्ष में चली गईं।

  2. निरंतर ज्वालामुखी गतिविधि (Continued Volcanic Activity): ज्वालामुखीयों से निकलने वाली गैसों ने वायुमंडल की संरचना को बदलना जारी रखा। इसमें जल वाष्प (water vapor), कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide), और नाइट्रोजन (nitrogen) प्रमुख थे, लेकिन अब सल्फर यौगिकों (sulfur compounds) की मात्रा भी बढ़ी।

  3. प्रकाश संश्लेषण का विकास (Evolution of Photosynthesis): यह सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी। लगभग 3.5 अरब वर्ष पहले, साइनोबैक्टीरिया (cyanobacteria - नील-हरित शैवाल) जैसे जीवों ने प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की प्रक्रिया विकसित की। प्रकाश संश्लेषण में, ये जीव कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा से शर्करा (sugar) बनाते हैं, और ऑक्सीजन (oxygen) एक उप-उत्पाद (by-product) के रूप में उत्पन्न होती है।

विशेषताएँ (Characteristics):

  • ऑक्सीजन का क्रमिक संचय (Gradual Accumulation of Oxygen): प्रकाश संश्लेषण के कारण वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ने लगी। हालांकि, शुरू में यह ऑक्सीजन समुद्रों में घुले हुए लोहे (dissolved iron) के साथ प्रतिक्रिया करके लोहे के ऑक्साइड (iron oxides) बनाती थी, जिससे "बैंडेड आयरन फॉर्मेशन" (banded iron formations - धारीदार लोहे की संरचनाएं) बनीं।

  • कार्बन डाइऑक्साइड में कमी (Decrease in Carbon Dioxide): प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग होने और चट्टानों के अपक्षय (weathering) में इसके घुलने के कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम हो गई।

  • नाइट्रोजन की प्रधानता (Dominance of Nitrogen): नाइट्रोजन, जो ज्वालामुखीयों से निकली थी और रासायनिक रूप से निष्क्रिय (chemically inert) थी, वायुमंडल में प्रमुख गैस बन गई।

  • ओजोन परत का गठन(Formation of the Ozone Layer): जैसे ही वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी, ऊपरी वायुमंडल में ओजोन (O₃) का निर्माण शुरू हो गया। ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (ultraviolet radiation - UV rays) को अवशोषित करती है, जिससे पृथ्वी पर जीवन की रक्षा होती है।

जीवन की उत्पत्ति में भूमिका (Role in the Origin of Life):

द्वितीय वायुमंडल ने पृथ्वी पर जीवन के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाईं:

  • तरल पानी की उपस्थिति (Presence of Liquid Water): तापमान कम होने और जल वाष्प के संघनन (condensation) से महासागर (oceans) बने, जो जीवन के लिए आवश्यक थे।
  • पराबैंगनी विकिरण से सुरक्षा (Protection from Ultraviolet Radiation): ओजोन परत के बनने से हानिकारक यूवी किरणों से सुरक्षा मिली, जिससे जीवन पनप सका।
  • ऑक्सीजन की उपलब्धता (Availability of Oxygen): हालांकि शुरुआती जीवन अवायवीय (anaerobic - बिना ऑक्सीजन के जीने वाला) था, ऑक्सीजन के क्रमिक संचय ने बाद में अधिक जटिल, एरोबिक (aerobic - ऑक्सीजन का उपयोग करने वाले) जीवों के विकास को संभव बनाया।

पृथ्वी के धीरे धीरे ठंडा होने ने दूसरे वातावरण के विकास में क्या भूमिका निभाई
Zoom in if the image is unclear.


पृथ्वी के धीरे धीरे ठंडा होने ने दूसरे वातावरण के विकास में क्या भूमिका निभाई
Zoom in if the image is unclear.


पृथ्वी के क्रमिक ठंडा होने ने दूसरे वातावरण के विकास में क्या भूमिका
Zoom in if the image is unclear.


पृथ्वी के प्रथम वायुमंडल के क्षय का कारण क्या था और इसने द्वितीय वायुमंडल के निर्माण
Zoom in if the image is unclear.


*Buy books for all your mind maps, infographics, and more

Subscribe to our Website!

Get the latest updates, exclusive content and special offers delivered directly to your mailbox. Subscribe now!

Detailed Visual Ebooks For Competitive Exams and Higher Education.Ebooks with Visuals like Mind Maps, Questions/Answers, Info Tables and flow diagrams for competitive exam preparation(UPSC/SPSC) and Higher Education.


© 2025 CivilsEdge. All rights reserved.